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Abstract

स्वयं सहायता समूह पारस्परिक सहयोग तथा स्वयं के प्रयास से अपने संसाधनों तथा क्षमताओं को विकसित करने की रणनीति है| इस प्रकार के प्रयास से महिलाएं स्वयं आत्मनिर्भर होकर अपना विकास कर सकती हैं व अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकती हैं | स्वयं सहायता समूह के माध्यम से सभी महिलाएं समूहिक प्रयासों द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि आवश्यकताओं को पूर्ण कर सकती हैं| वास्तव में स्वयं सहायता समूहों में महिला सशक्तिकरण का अर्थ है उनमें पांच सकारात्मक परिवर्तन- आर्थिक, शारीरिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व मानसिक परिवर्तन से हैं| महिला स्वयं सहायता समूहों की विकासात्मक कार्यों में भागीदारी का महिला सदस्यों की आर्थिक सशक्तिकरण पर प्रभावों का मूल्यांकन किया गया है|

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