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Abstract

अंग्रेजी में एक कहावत है स्वास्थ्य ही सच्चा धन है। ध्यान से, व्यवहार की दृष्टि से वचिार करने में स्पष्ट हो जाता है कि कहावत में कही गई बात एकदम सत्य है। अच्छे स्वास्थ्य को सच्चा धन या महावरदान मानने में कुछ भी झूठ या अतिशियोक्ति नहीं है। वह इसलिए कि स्वस्थ व्यक्ति ही इस संसार और जीवन में इच्छित कार्य पूरे कर सकता है। जो चाहे, बन सकता है। जहां चाहे, जहा सकता है। जो भी इच्छा हो, खा-पीकर जीवन का हर आनंद प्राप्त कर सकता है। इसी कारण तो लोगों की ‘तंदुरुस्ती हजार नेहमत है’ जैसी कहावतें कहते सुनते देखा-सुना जा सकता है। ‘नेहमत’ का मतलब आनंद और वरदान आदि से लगाया और समझा जा सकता है।

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