न के विस्तार के साथ है कि मानव जीवन और ज्ञान विभिन्न विषयों की सीमा में सीमित नहीं है। इसका संबंध ज्ञान की विविध धाराओं और शाखाओं के रूप में व्याप्त है। सामाजिक विज्ञान के शोध क्षेत्र एवं विज्ञान के विविध शोध भी स्वभावतः एवं प्रवृत्तिगत रूप से अंतर अनुशासनात्मक हैं। मानव जीवन की व्यापकता और जटिलता को समझने के लिए शिक्षा और शोध क्षेत्र में अंतर-अनुशासनात्मक द्ष्टिकोण का विकास किया जाना अनिवार्य है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए एडीआर प्रकाशन ने हिन्दी में अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका अनुसंधान के प्रकाशन का निश्चय किया है।   यह पत्रिका सहकर्मी समीक्षा (Peer Review) पर आधारित है। इसका उद्देश्य अंतर अनुशासनात्मक शोध को प्रोत्साहित करना तथा इस क्षेत्र में नवाचार व नवीन शोधों को मंच प्रदान करना है। इसमें सामाजिक अध्ययन, भाषा, विज्ञान एवं तकनीकि एवं अन्य विविध क्षेत्रों के हिन्दी भाषा के शोध पत्रों को प्रकाशित किया जा सकेगा।    किसी विषय अथवा ज्ञान क्षेत्र की प्रगति के लिए आवश्यक है कि अंतर अनुशासनात्मक शोध प्रवृत्ति में निरंतर वृद्धि हो। साथ ही ऐसे शोध अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए। इसी को दृष्टिगत रखते हुए अनुससंधान और नवाचार को प्रोत्साहन मिले। इसी कारण यह प्रकाशन किया जा रहा है। Send papers to editor@eduindex.org

Published: Jun 1, 2019

मन के हारे हार है

शशिकांत निशांत शर्मा
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अच्छे स्वास्थ्य के लाभ

4-6 शुभना श्री
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विज्ञान एक वरदान

7-9 हिमांशु शेखर
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मेर प्रिय कवि

10 सुमित शर्मा
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स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सशक्त होती महिलाएँ

11-17 चित्रलेखा साहू

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में पालि साहित्य एवं बौद्ध संस्कृति

18-21 लेखराम सेलोकर
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वर्त्तमान परिपेक्ष्य में गीता की प्रासंगिकता

22-28 डॉ0 मधु माला सिन्हा , दुर्गेश नंदन सिन्हा
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जनजातीय जनसंख्या, षिक्षा, जीवन षैली एवं हस्तषिल्प कला का जनजातियों के आर्थिक विकास पर प्रभाव (छत्तीसगढ़ बस्तर संभाग के विषेष संदर्भ में)

29-38 षिव कुमार सिंघल
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ग्रामीण महिला और प्रौद्योगिकी

39-43 डा. परमजीत कौर
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‘‘हिन्दू-मुस्लिम विधि में तलाकशुदा महिला के अधिकार‘‘

44-55 गरिमा सिंह
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प्राचीन भारतीय दायभाग का विभाजन

56-59 Anju Devi
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संस्कृत नाटकों में नारी

60-67 Suman
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