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European Journal of Business &
Social Sciences
Available at https://ejbss.org/
ISSN: 2235-767X
Volume 06 Issue 12
December 2018
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भारतीय अर्थव्यवस्र्ा पर जी. एस. टी. का प्रभाव
मोनिका,
प्राध्यानपका] अर्थशास्त्र ]
रा+- व- मा- नव- मनिकपुर, िई निल्ली ।
E.mail- guliamonika1984@gmail.com
गुड्स एं ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर यानी इंडायरेक्ट टैक्स है। जीएसटी के तहत वस्तुओं
और सेवाओंपर एक समान टैक्स लगाया जाता है। यह कें द्र और राज्यंद्वारा लगाए गए 20 सेअर्िक
अप्रत्यक्ष करयंके एवज मेंलगाया जा रहा है। जीएसटी 1 जुलाई सेपूरेदेश मेंलागूहय जाएगा। जीएसटी लगने
के बाद कई सेवाओंऔर वस्तुओंपर लगनेवालेटैक्स समाप्त हय जाएं गे।
आसान शब्यंमेंकहेंतय, वस्तुएवं सेवा कर माल और सेवाओंकी आपूर्तिपर लगाए गए कर है। यह एक
ऐसा कर हैजय र्क प्रत्येक मूल्य मेंजयड़ पर लगाया जाता है। आईए इसकय हम और गहराई सेसमझतेहैं,
कयई भी वस्तुर्नमािण सेलेकर उपययग तक कई चरणयंसेगुजरती है।
पहला चरण कच्चेमाल का लेना, दू सरा चरण उत्पादन, तीसरा चरण सामर्िययंका भंडारण, इसके उपरांत
उत्पाद फु टकर र्वक्रे ता के पास पहंचता हैऔर आखरी चरण मेंउपभयक्ता कय अंर्तम उत्पाद बेचा जाता है।
वस्तुएवंसेवा कर एक बह स्तरीय कर हैजय इन सभी चरणयंमेंलगाया जाएगा।
उत्पाद के र्नमािण के हर चरण के बाद उस उत्पाद का मूल्य बढ़ता चला जाता है, जैसेउदाहरण के तौर
पर – र्नमािता जूता बनाना चाहता है, तय पहलेवह चमड़ा खरीदेगा ,र्फर उसकय जूतेका आकार देगा, र्फर
उसमेंफीतेलगेंगे, र्फर ब्ांड का लेबल लगेगा; इस प्रकार हर चरण के साथ मूल्य बढ़ता हैमतलब जब चमड़े
कय जूतेका आकार र्मलता हैतय उसका मूल्य बढ़ जाता हैऔर ब्ांड लेबल लगानेपर मूल्य और अर्िक बढ़
जाता है। इस तरीके सेप्रत्येक चरण मेंमूल्य जयड़ र्दया जाता हैअथाित पूरेर्नमािण श्रंखला के दौरान सभी
लेनदेन पर कर लगाया जाएगा जाता है। हालांर्क इससेपहलेर्क स्थथर्त यह थी र्क कें द्र र्नमािण पर उत्पाद
शुल्क लगाता था और जब उत्पाद बेचा जाता था तय राज् वैट जयड़ता था और र्बक्री के अगलेस्तर पर भी
एक वैट लगता था, लेर्कन अब र्बक्री के हर स्तर पर यह नया कर लगाया जाता है।
गुड्स एं ड सनवथसेज केप्रकार Types of Goods and Service Tax (GST)
वतिमान कर संरचना एवं अथिव्यवथथा कय बदलनेमेंवस्तुएवं सेवा कर का महत्वपूणिययगदान है। भारतीय
कर संरचना दय प्रकार की है– प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष। प्रत्यक्ष या डायरेक्ट का मतलब र्जसमेंदेनदारी र्कसी
और कय नही ंदेसकतेहैं, अप्रत्यक्ष कर मतलब र्कसी अन्य व्यस्क्त कय भी देनदारी दी जा सकती है। जब वस्तु
एवंसेवा कर लागूहआ तय उसके तीन प्रकार हए -:
सी.जी.एस.टी. – जहां कें द्र द्वारा राजस्व एकर्ित र्कया गया।
एस.जी.एस.टी. – जहां राज् सरकार राजस्व एकर्ित करती है।
आई.जी.एस.टी. – जहां अंतर राज् र्बक्री केर्लए कें द्र द्वारा राजस्व एकर्ित र्कया जाता है।
वस्तुएवंसेवा कर के काम करनेका तरीका How GST Works in Hindi?
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उदाहरण – उत्तर प्रदेश मेंएक व्यापारी ₹10000 मेंउपभयक्ता कय माल बेचता है, वस्तुएवं सेवा कर की दर
18% है, र्जसमेंसी.जी.एस.टी. 9% और एस.जी.एस.टी. 9% शार्मल है। ऐसेमेंडीलर 1800 रुपए जमा करेगा
(₹900 कें द्र के पास जाएं गेऔर ₹900 राज् सरकार के पास जाएं गे) इसर्लए आई.जी.एस.टी. के रूप में₹800
चाजिकरना हयगा; अब सी.जी.एस.टी. और एस.जी.एस.टी का भुगतान करनेकी जरूरत नही ंहयगी।
वस्तुएवंसेवा कर (जी एस टी) केफायिे
कर कै स्के नडंग को प्रभानवत करता है-
कै स्के र्डंग कर प्रभाव कय ‘कर पर कर’ के रूप मेंवर्णित र्कया जा सकता है। महत्वपूणिबात यह हैर्क यह
कर के कै स्के र्डंग प्रभाव कय खत्म करेगा जय पहलेस्पष्ट था।
पंजीकरण की उच्च सीमा-
वेट संरचना में500000 सेअर्िक के कारयबार के साथ अन्य व्यापार करनेके र्लए वैट का भुगतान करना
अर्नवायिथा, हालांर्क नए वस्तुएवं सेवा कर के साथ यह सीमा बढ़कर 2000000 कर दी गई है, जय र्क कई
छयटेव्यापाररययंकेर्लए लाभदायक है।
संरचिा योजिा-
यह कर संरचना ययजना का उपययग करके करय कय कम करनेका र्वकल्प देता हैअथाित वस्तुएवं सेवा कर
के तहत छयटेव्यवसाययंपर कर और अनुपालन बयझ कम कर र्दया गया है।
आसाि ऑििाइि प्रनिया-
वस्तुएवं सेवा कर की पूरी प्रर्क्रया प्रणाली कय ऑनलाइन बनाया गया है, तार्क उपययगकतािकेर्लए आसानी
हय और वह बाहरी बेकार चक्करयंमेंना उलझे।
नियनमत व्यवसाय- इस नए कर सेपहलेकाफी उद्ययग बड़ेपैमानेपर अर्नयर्मत और असंगर्ित थे।
वस्तुएवंसेवा कर केतहतवस्तुएवंसेवा कर (जी एस टी) केिुकसाि
िागत मेंवृद्धि-
नए र्बर्लंग सॉफ्टवेयर के कु शल उपययग के र्लए, सॉफ्टवेयर खरीद और कमिचाररययंका प्रर्शक्षण: लागत में
वृस्ि का कारण बनतेहैं।
वस्तुएवंसेवा कर अिुपािि
छयटे और मध्यम आकार के उद्यमयं कय वस्तुएवं सेवा कर व्यवथथा की बारीर्कययं कय समझना
हयगा। र्डर्जटल ररकॉडिका रखरखाव अनुरूप हयना चार्हए, अगर वस्तुएवं सेवा कर र्शकायत चालान जारी
र्कया हैतय उसमेंअर्नवायिर्ववरण हयना चार्हए, जैसेआपूर्तिकी जगह, एच.एस.एन. कयड आर्द।
पररचािि िागत मेंवृद्धि
वस्तुएवं सेवा कर भुगतान करनेके तरीकयंकय बदल रहा है। व्यवसाययं कय अब कर पशेवरयंसेर्शकायत
करनेकय र्नययर्जत करना हयगा। चूंर्क र्वशेषज्यं की भती मेंअर्तररक्त लागत लगेगी, इस कारण छयटे
व्यवसाययंकेर्लए लागत मेंवृस्ि हयगी।
ऑििाइि आवेिि सेनिक्कत
चूंर्क वस्तुएवं सेवा कर एक ऑनलाइन करािान प्रणाली है, तय कु छ छयटेव्यवसाययंके र्लए र्ववरण दास्खल
करना मुस्िल हय सकता है। इसके अर्तररक्त, र्वशेष रूप सेछयटेव्यवसाययं कय कर्िनाइययं का सामना
करना हयगा, क्यंर्क इससेपहलेके वल डेढ़ करयड़ रुपयेसेऊपर के कारयबार कय उत्पाद शुल्क का भुगतान
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करना पड़ता था, पर अब ₹2000000 सेअर्िक वालेव्यवसाय कय वस्तुएवं सेवा कर का भुगतान करना
हयगा। हालांर्क संरचना ययजना का चयन कर सकतेहैंपरंतुवह भी एक कर्िन एवंलंबी प्रर्क्रया हयगी।
निष्कर्थ(Conclusion)
बदलाव कभी भी आसान नही ंहयता हैऔर ना ही रातयं रात कयई तबदीली आती है। सरकार वस्तुएवं सेवा
कर यानी जी.एस.टी. कय सुगम बनानेकी भरपूर कयर्शश कर रही है। चीजेंबहत आसानी सेनही ंहयंगी, पर
इस बात का भरपूर यकीन हैर्क एक र्दन अच्छा पररवतिन अवश्य आएगा; अथातिहमेंभी सब् रखनेकी
जरूरत है। सरकार कय और आसान तरीके खयजनेहयंगेर्जसके तहत जनता कय वस्तुएवं सेवा कर की
उपययर्गता का पता चले, इसी प्रकार हमारेदेश की अथिव्यवथथा मजबूत हय पाएगी
संिभथ
1. “How GST will impact sectors”
2. “GST- Analysis and Opinions” cleartax.in
3. The Economictime
4. www.jagranjosh.com
5. www.m.jagran.com
6. www.omiicsonline.org
7. www.gst.gov.in
