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Abstract

कलाकार के जीवन परिचय का यद्यपि उसके साहित्य-शोध से प्रत्यक्ष सम्बन्ध नहीं दिखायी देता, परन्तु किसी भी कलाकार का जीवन-परिवेश उसके संस्कार और उसकी रुचियाँ बहुत दूर तक उसके साहित्य को प्रभावित करती है। इसलिए किसी भी साहित्यकार की अनुभूतियों और उसके साहित्य को भली प्रकार से समझने-समझाने के लिए उसके जीवन-परिचय का महत्त्व समझा जा सकता है।

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