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Abstract
बीसवीं सदी के प्रथम आठ वर्षों में भारत में जो अनेक महान् व्यक्ति हुए, डाॅ॰ भीमराव अम्बेडकर उनमें प्रमुख थे। उन्हें लोग प्रेम से बाबा साहब कहते थे। वे दो हजार साल से चले आ रहे सवर्ण हिन्दुओं के छल और अत्याचार से लड़ना चाहते थे और सामाजिक समानता की स्थापना करना चाहते थे। अतः उन्होंने अपनी शक्ति को राजनैतिक आजादी की बजाए सामाजिक अत्याचार की समाप्ति पर केन्द्रित किया