Main Article Content
Abstract
वेश्यावृत्ति सभी सभ्य कहे जाने वाले देशों में आदि-काल से विद्यमान रही है। यह हमेशा सामाजिक यथार्थ के रूप में स्वीकार की गई है। वेश्यावृत्ति हमारे समाज की एक ज्वलन्त समस्या है। वेश्या जीवन की कहानी बहुत लम्बी और दर्दनाक है। स्त्री आदिकाल से लेकर आज तक मात्र पुरूष की भोग्या बनी रही है। वेश्याओं को हमारा समाज आज भी स्वस्थ दृष्टिकोण से नहीं देखता। शहर हो या देहात सभी जगह वेश्या को एक सड़ा हुआ अंग माना जाता है। वेश्यावृत्ति आज मनुष्य समाज के सामने एक गंभीर समस्या बनकर खड़ी है क्योंकि पितृसतात्मक समाज का मानना है कि इन सब के कारण समाज के नष्ट होने की भ्रान्ति बनी रहती है।